clock December 24,2023

फरीदाबाद में पंक्चर की दुकान की आड़ में चल रहा था जासूसी खेल, बिहार का नौशाद अली निकला पाकिस्तानी

गाजियाबाद। अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े टेरर मॉड्यूल की चर्चा अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि स्मार्ट सिटी फरीदाबाद से एक और चौंकाने वाला मामला सामने आ गया। इस बार गाजियाबाद में उजागर हुए देशव्यापी जासूसी और रेकी गिरोह के तार फरीदाबाद से जुड़े मिले हैं। गाजियाबाद पुलिस की एसआईटी ने तिगांव थाना क्षेत्र के नचौली गांव में करीब चार महीने से रह रहे 20 वर्षीय नौशाद अली उर्फ लालू को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, आरोपी फिलहाल यूपी पुलिस की हिरासत में है।

कहने को टायर पंक्चर की दुकान॥

20 साल का नौशाद अली उर्फ लालू कहने को तो टायर पंक्चर की दुकान चला रहा था लेकिन असल में पाकिस्तानी हैंडलर के लिए जासूसी कर रहा था। भूपानी इलाके में कुछ महीने पहले खुले पेट्रोल पंप के पास ही नौशाद ने कुछ दिन पहले ही पंक्चर की दुकान खोली थी। 18 मार्च को गाजियाबाद एसटीएफ की टीम उसे पकड़कर ले गई थी। 20 मार्च को नौशाद के पिता जलालूद्दीन ने भूपानी थाना गुमशुदगी की शिकायत दी गई। शिकायत में एक गाड़ी का नंबर भी दिया गया जिसमें उसे ले जाया गया। पुलिस ने तलाश की तो पता चला कि गाजियाबाद पुलिस की टीम ने जासूसी मामले में पकड़ा है।

सोशल मीडिया से गिरोह से जुड़ा॥

आरोपी से शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये वो इस गिरोह से जुड़ा था। सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में था। पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर वो देश के विभिन्न स्थानों पर स्थित सुरक्षाबल के ठिकानों व अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, रेलवे स्टेशन आदि की रैकी कर चुका है। रेकी के दौरान लिए गए फोटो, वीडियो के साथ ही जीपीएस लोकेशन भी पाकिस्तान हैंडलर के बताए गए विदेशी नंबरों पर भेज चुका है। इसके लिए उसके मोबाइल में प्ले स्टोर से एप डाउनलोड कराकर हैंडलर ने उसे ट्रेनिंग भी दिलाई थी।

गिरोह में भर्ती कर रहा था नौशाद॥

अपराध शाखा के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फरीदाबाद से पकड़ा गया नौशाद ही इस गिरोह के लिए अब सबसे अहम तौर पर काम कर रहा था। पहले वो रैकी करने के बाद अब पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर अपनी तरह के अन्य जासूसों की भर्ती का काम करने लगा था। मामले में एक अन्य गिरफ्तार महिला मीरा को उसने ही सोशल मीडिया के जरिये संपर्क कर गिरोह से जोड़ा था। 

वो कम उम्र के लड़कों खासकर वो जिन्हें तकनीकी ज्ञान हो, उनकी गरीबी का फायदा उठाकर रुपयों का लालच देकर गिरोह से जोड़ रहा था। सोशल मीडिया के ग्रुप्स में जुड़कर वो ऐसे युवाओं को ढूंढता था जिनका पुराना कोई आपराधिक रेकॉर्ड न हो। महिलाओं को भी वो गिरोह में रुपयों का लालच देकर जोड़ रहा था, ताकि उस पर कोई शक न करे।

पेट्रोल पंप से ही पकड़ा था नौशाद को॥

गाजियाबाद पुलिस सादे कपड़ों में लोकेशन ढूंढते हुए फरीदाबाद के नचौली इलाके के पेट्रोल पंप पर पहुंची थी। पुलिसकर्मियों ने पहले एक-एक कर पेट्रोल पंप कर्मियों से नाम व पते पूछे। इस दौरान नौशाद वहीं बगल में खड़ा रहा, मगर पुलिसकर्मियों ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। नौशाद वापस जाकर पंक्चर बनाने लगा। 

पुलिसकर्मी पड़ोस के एक मकान में चले गए, वहां उन्होंने उसका आधार कार्ड दिखाया, मगर उसमें भी चेहरा पहचान में नहीं आया। फिर पुलिसकर्मियों ने पूछा नौशाद नाम का कोई व्यक्ति आस-पास रहता है। तब उन लोगों ने बताया कि पेट्रोल पंप पर पंक्चर बनाने वाले युवक का नाम नौशाद है। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा और कार में बिठा लिया। उसका मोबाइल पेट्रोल पंप पर बने कार्यालय में चार्जिंग पर लगा था, बाद में एक पुलिसकर्मी मोबाइल निकालकर लाया।

पूर्व मैनेजर ने खुलवाई थी पंक्चर की दुकान॥

पेट्रोल पंप के पूर्व मैनेजर रविंदर ने मेवला महाराजपुर पेट्रोल पंप पर पंक्चर की दुकान करने वाले मुमताज से दुकान खोलने के लिए कोई व्यक्ति देने को कहा। मुमताज मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर थाना काटी क्षेत्र के अंतर्गत हरचंदा गांव का रहने वाला है। नौशाद भी इसी गांव का है। 

नौशाद भी उससे काफी दिनों से फरीदाबाद में काम दिलाने की कह रहा था। मुमताज ने उसे बुला लिया, तब नौशाद कोलकाता में था। करीब तीन महीने पहले पेट्रोल पंप पर उसकी दुकान खुलवा दी। रविंदर एक महीने पहले नौकरी छोड़कर जा चुका है। नौशाद का मामा अली राजा भी फरीदाबाद में रहता है, वह भी पंक्चर की दुकान चलाता है। 

पंप के कर्मचारी हैरत में॥

हिंदुस्तान पेट्रोलियम का यह पेट्रोल पंप फरीदाबाद के रहने वाले कारोबारी ने एक साल पहले खोला है। यहां काम करने वाले संतोष ने बताया कि शुरू में लगा था कि पुलिस उसे किसी चोरी या झपटमारी जैसे मामले में पकड़कर ले गई है। इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया। 

रविवार को जब पुलिस पहुंची तो बताया कि उसके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा है, यह जानकर उन्हें हैरत हुई। दूसरे कर्मचारी विकास ने बताया कि उसके व्यवहार से कभी पता नहीं चला कि उसके भीतर क्या चल रहा है।

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