वाराणसी में सुसाइड केसों पर चौंकाने वाला रिपोर्ट: 19 प्रेम-प्रसंग, 61 कर्ज से परेशान, कई ने नशे के बाद दी जान।

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में बीते दो साल में कर्ज, प्रेम-प्रसंग और नशे के कारण हुई मौतों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पुलिस विवेचना और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दो साल में कुल 209 मौतें दर्ज की गईं। इनमें सबसे अधिक 61 लोगों ने कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या की। 20 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में 19 युवक-युवतियों ने प्रेम-प्रसंग से जुड़े विवादों के चलते जान दी, जबकि 7 लोगों ने विवाद के बाद शराब के नशे में फंदे से लटक कर आत्महत्या की। वहीं, 122 लोगों की मौत शराब पीकर वाहन चलाने के दौरान हुए सड़क हादसों में हुई।

जांच में सामने आया कि शहरी इलाकों में निजी नौकरी करने वाले और छोटे कारोबारी, जो उधारी या मंदी से जूझ रहे थे, उन्होंने यह आत्मघाती कदम अधिक उठाया। ग्रामीण क्षेत्रों में कर्ज और पारिवारिक कलह प्रमुख कारण रहे। प्रेम-प्रसंग के मामलों में सामाजिक दबाव, पारिवारिक असहमति और वैवाहिक विवाद ''ट्रिगर प्वाइंट'' साबित हुए। 20-30 वर्ष के युवाओं में प्रेम-प्रसंग के साथ-साथ रोजगार और करियर की चिंता भी देखी गई।

कुल 209 मामलों में अधिकतर मामले शहरी क्षेत्रों के थे, जिनमें दूसरे शहरों व प्रदेशों से आकर रह रहे लोग भी शामिल थे। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ागांव, चौबेपुर और रामनगर-डाफी इलाके प्रमुख रहे। पिछले दो वर्षों में 5 ऐसे मामले भी आए, जिनमें विवाद के बाद वीडियो कॉल पर बात करते हुए आत्महत्या की गई। कुछ मामलों में घटना से पहले वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।

केस 1: शिवपुर थाना क्षेत्र में 28 फरवरी को काजल राय ने मोबाइल स्टेटस लगाने के बाद आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में पति पर बेवफाई और दहेज प्रताड़ना के आरोप थे। पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

केस 2: लोहता थाना क्षेत्र में राहुल मिश्रा ने पत्नी पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए आत्महत्या की। उसने एक लाइव वीडियो बनाकर पत्नी, सास और एक अन्य युवक को जिम्मेदार ठहराया।

केस 3: गाजीपुर निवासी राकेश यादव (28) ने प्रेम विवाह किया था। पत्नी से विवाद के बाद सारनाथ क्षेत्र में एक प्लॉट के टिनशेड से पत्नी को वीडियो कॉल किया और फंदे से झूल गया।

केस 4: पांडेयपुर-लालपुर निवासी अल्ताफ खान (चालक) ने पत्नी पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए वीडियो बनाया और मोबाइल को रिकॉर्डिंग मोड पर रखकर आत्महत्या कर ली।

केस 5: पिछले साल 4 दिसंबर को दशाश्वमेध निवासी एक कारोबारी ने 1 करोड़ रुपये के कर्ज और लॉकडाउन के घाटे से परेशान होकर गंगा में कूदकर जान दे दी।

केस 6: टकटकपुर इलाके में बैटरी कारोबारी राजन कुमार सिंह ने हाथ की नस काटकर जान दे दी। वे लंबे समय से व्यापार में घाटे और कर्ज से परेशान थे।

अधिकारी बोले...

20 से 30 वर्ष की उम्र में भावनात्मक उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है। सोशल मीडिया, रिलेशनशिप तनाव और करियर की अनिश्चितता मिलकर युवाओं में मानसिक दबाव बढ़ा रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति में अचानक चुप्पी, निराशा, बार-बार असफलता की बात करना, नशे की मात्रा बढ़ाना या ‘सब खत्म कर देने’ जैसे संकेत दिखें तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। -डॉ. अजय कुमार सिंह, चिकित्साधिकारी मानसिक अस्पताल

Leave a Reply

Cancel Reply

Your email address will not be published.

Follow US

VOTE FOR CHAMPION

vote-image

Who is the world cup winner of 2023

35%
11%
31%
17%
2%
4%
0%

Top Categories

Recent Comment

  • user by Prerna Jaiswal vns

    Thank You

    quoto
  • user by Rohan

    Nice Article Brother

    quoto
  • user by Anonymous

    Nice blog

    quoto

Please Accept Cookies for Better Performance